GSTR-1 ड्यू डेट 2026: मंथली फाइलिंग शेड्यूल
FY 2026-27 के लिए GSTR-1 की पूरी फाइलिंग शेड्यूल। जानें कि आपका आउटवर्ड सप्लाई रिटर्न हर महीने कब भरना है।
GSTR-1 क्या है?
GSTR-1 वह रिटर्न है जिसमें आप अपनी सभी आउटवर्ड सप्लाइज़ रिपोर्ट करते हैं — टैक्स पीरियड में जारी किए गए सभी इनवॉइस। इसमें B2B इनवॉइस (कस्टमर GSTIN के साथ), B2C इनवॉइस (बिना GSTIN), क्रेडिट नोट, डेबिट नोट और एक्सपोर्ट इनवॉइस शामिल हैं।
आपका GSTR-1 डेटा बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह आपके खरीदारों के GSTR-2B में जाता है, जिससे वे इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम कर पाते हैं। अगर आप GSTR-1 लेट या गलत भरते हैं, तो आपके कस्टमर्स समय पर ITC क्लेम नहीं कर पाएंगे।
GSTR-1 कौन भरता है?
रेगुलर स्कीम के तहत हर रजिस्टर्ड टैक्सपेयर को GSTR-1 भरना होता है:
- GST रजिस्टर्ड सभी बिज़नेस और फ्रीलांसर्स (रेगुलर स्कीम)
- ई-कॉमर्स ऑपरेटर्स
- इंटर-स्टेट सप्लाई करने वाले टैक्सपेयर्स (टर्नओवर कुछ भी हो)
कंपोज़िशन स्कीम डीलर्स, नॉन-रेसिडेंट टैक्सेबल पर्सन्स और इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर्स GSTR-1 नहीं भरते — उनके अलग रिटर्न हैं।
GSTR-1 मंथली ड्यू डेट: FY 2026-27
₹5 करोड़ से ज़्यादा एग्रीगेट टर्नओवर वालों या मंथली फाइलिंग चुनने वालों के लिए, GSTR-1 अगले महीने की 11 तारीख तक भरना होता है।
| टैक्स पीरियड | GSTR-1 ड्यू डेट |
|---|---|
| अप्रैल 2026 | 11 मई 2026 |
| मई 2026 | 11 जून 2026 |
| जून 2026 | 11 जुलाई 2026 |
| जुलाई 2026 | 11 अगस्त 2026 |
| अगस्त 2026 | 11 सितंबर 2026 |
| सितंबर 2026 | 11 अक्टूबर 2026 |
| अक्टूबर 2026 | 11 नवंबर 2026 |
| नवंबर 2026 | 11 दिसंबर 2026 |
| दिसंबर 2026 | 11 जनवरी 2027 |
| जनवरी 2027 | 11 फरवरी 2027 |
| फरवरी 2027 | 11 मार्च 2027 |
| मार्च 2027 | 11 अप्रैल 2027 |
नोट: अगर 11 तारीख रविवार या सरकारी छुट्टी पर पड़ती है, तो सरकार नोटिफिकेशन से डेडलाइन बढ़ा सकती है। हमेशा GST पोर्टल पर लेटेस्ट अपडेट चेक करें।
GSTR-1 क्वार्टरली ड्यू डेट (QRMP स्कीम)
अगर आपका एग्रीगेट टर्नओवर ₹5 करोड़ तक है और आपने QRMP स्कीम चुनी है, तो GSTR-1 क्वार्टरली भरना होगा। डेडलाइन क्वार्टर के बाद के महीने की 13 तारीख है।
| क्वार्टर | GSTR-1 ड्यू डेट |
|---|---|
| Q1 (अप्रैल–जून 2026) | 13 जुलाई 2026 |
| Q2 (जुलाई–सितंबर 2026) | 13 अक्टूबर 2026 |
| Q3 (अक्टूबर–दिसंबर 2026) | 13 जनवरी 2027 |
| Q4 (जनवरी–मार्च 2027) | 13 अप्रैल 2027 |
QRMP के तहत आप पहले दो महीनों में Invoice Furnishing Facility (IFF) से इनवॉइस अपलोड कर सकते हैं। इससे आपके B2B कस्टमर्स मंथली ITC क्लेम कर सकते हैं, भले ही आप क्वार्टरली फाइल करें।
GSTR-1 में क्या शामिल करें
- B2B इनवॉइस (₹2.5 लाख से ऊपर): कस्टमर GSTIN के साथ इनवॉइस-वार डिटेल
- B2B इनवॉइस (₹2.5 लाख तक): इनवॉइस लेवल पर कंसोलिडेटेड
- B2C बड़े (₹2.5 लाख से ऊपर, इंटर-स्टेट): इनवॉइस-वार डिटेल
- B2C छोटे: राज्य-वार कंसोलिडेटेड समरी
- क्रेडिट और डेबिट नोट: स्पेसिफिक इनवॉइस के अगेंस्ट
- एक्सपोर्ट इनवॉइस: शिपिंग बिल डिटेल के साथ
- HSN/SAC समरी: HSN/SAC कोड के हिसाब से आउटवर्ड सप्लाई का समरी
GSTR-1 लेट भरने पर क्या होता है?
GSTR-1 लेट भरने पर ₹50 प्रति दिन (₹25 CGST + ₹25 SGST) लेट फीस लगती है। निल रिटर्न के लिए ₹20 प्रति दिन। पूरी जानकारी के लिए हमारी GST लेट फीस और पेनल्टी गाइड देखें।
पैसों की पेनल्टी के अलावा, लेट GSTR-1 से आपके कस्टमर्स के GSTR-2B में इनवॉइस नहीं दिखते, जिससे उनके ITC क्लेम ब्लॉक हो जाते हैं। इससे बिज़नेस रिलेशनशिप खराब हो सकती है।
समय पर GSTR-1 भरने के टिप्स
- सेल्स रजिस्टर रखें: हर इनवॉइस रियल टाइम में रिकॉर्ड करें, महीने के अंत में नहीं
- 8 तारीख को रिमाइंडर सेट करें: 11 तारीख की डेडलाइन से पहले 3 दिन का बफ़र रखें
- फाइलिंग से पहले रिकंसाइल करें: अपनी बुक्स को GST पोर्टल डेटा से मैच करें
- सही SAC/HSN कोड इस्तेमाल करें: गलत कोड से नोटिस आ सकता है
- इनवॉइस ट्रैकिंग ऑटोमेट करें: Sahaj आपकी सेल्स और खर्चों को ऑटोमैटिकली ट्रैक करता है
टिप: GSTR-1 पहले भरें, फिर GSTR-3B। आपका GSTR-1 डेटा GSTR-3B को ऑटो-पॉप्युलेट करता है, जिससे गलतियाँ कम होती हैं।
ज़रूरी बातें
- GSTR-1 की डेडलाइन अगले महीने की 11 तारीख (मंथली) या क्वार्टर के बाद 13 तारीख (QRMP) है
- लेट भरने पर ₹50/दिन फीस और कस्टमर्स का ITC ब्लॉक होता है
- QRMP में IFF से B2B इनवॉइस मंथली अपलोड करें
- GSTR-1 पहले भरें ताकि GSTR-3B ऑटो-पॉप्युलेट हो
- Sahaj से रियल टाइम ट्रैकिंग करें
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